ब्रोंकाइटिस के लिए VATS सर्जरी: जानिए इस आधुनिक तकनीक के बारे में
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फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के इलाज में चिकित्सा विज्ञान ने काफी प्रगति की है। ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं के लिए आज कई आधुनिक सर्जिकल विकल्प उपलब्ध हैं। इन्हीं में से एक है VATS सर्जरी या वीडियो असिस्टेड थोरैकोस्कोपिक सर्जरी, जिसे हिंदी में दूरबीन सर्जरी भी कहा जाता है। मेदांता अस्पताल के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार इस विषय पर अपनी विशेषज्ञता साझा करते हैं।
VATS सर्जरी क्या है और यह कैसे की जाती है?
VATS सर्जरी एक आधुनिक तकनीक है जिसमें छोटे-छोटे चीरे लगाकर फेफड़ों का ऑपरेशन किया जाता है। डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, इस प्रकार की सर्जरी में बड़े चीरे की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बजाय, छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं, जिनमें से एक विशेष प्रकार की दूरबीन डाली जाती है। इस दूरबीन पर कैमरा लगा होता है, जिससे सर्जन टीवी स्क्रीन पर फेफड़ों के अंदर की स्थिति को देख सकते हैं।
दूरबीन सर्जरी में विशेष कैमरे की मदद से डॉक्टर फेफड़ों के अंदर की स्थिति को स्पष्ट रूप से देख पाते हैं। इसके बाद, विशेष उपकरणों का उपयोग करके सर्जरी की जाती है। यह पूरी प्रक्रिया टीवी स्क्रीन पर दिखाई देती है, जिससे सर्जन को बिना बड़ा चीरा लगाए सटीक तरीके से ऑपरेशन करने में मदद मिलती है।
ब्रोंकाइटिस उपचार के लिए VATS सर्जरी के फायदे
ब्रोंकाइटिस उपचार के लिए VATS सर्जरी एक प्रभावी विकल्प है जिसमें रिकवरी समय कम होता है। यह एक मिनिमल इनवेसिव सर्जरी है, जिसका अर्थ है कि इसमें शरीर पर बहुत कम हस्तक्षेप किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द होता है और वह जल्दी ठीक हो जाता है।
डॉ. कुमार बताते हैं कि अगर ब्रोंकाइटिस एक विशिष्ट स्थान, जैसे फेफड़े के एक सेगमेंट या लोब तक ही सीमित है, तो VATS सर्जरी द्वारा उस हिस्से को निकाला जा सकता है। इस प्रक्रिया को सेगमेंटेक्टमी या लोबेक्टमी कहते हैं। यह प्रक्रिया संभव है और मेदांता अस्पताल में नियमित रूप से की जाती है।
फेफड़ों की सर्जरी के लिए VATS तकनीक का उपयोग करने से मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं। मिनिमल इनवेसिव सर्जरी होने के कारण VATS में दर्द और जटिलताएं कम होती हैं, जिससे मरीज का रिकवरी समय भी कम हो जाता है।
VATS सर्जरी कब संभव नहीं है?
हालांकि VATS सर्जरी कई मामलों में उपयोगी है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह संभव नहीं हो सकती। डॉ. अरविंद कुमार बताते हैं कि कभी-कभी, अगर ब्रोंकाइटिस से प्रभावित फेफड़े का हिस्सा हृदय या अन्य महत्वपूर्ण अंगों से बुरी तरह चिपका हुआ होता है, तो ऐसे मामलों में दूरबीन के माध्यम से सर्जरी करना मुश्किल हो सकता है।
ऐसी स्थिति में, दूरबीन के द्वारा इन महत्वपूर्ण अंगों से फेफड़े को अलग करना संभव नहीं होता। यह कार्य हाथ से अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है। इसलिए, ऐसे मामलों में ओपन सर्जरी (खुली सर्जरी) की आवश्यकता हो सकती है।
मेदांता में VATS सर्जरी की सफलता
डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, मेदांता के इंस्टिट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी में उनकी टीम वर्षों से VATS सर्जरी कर रही है। उन्होंने बताया कि ब्रोंकाइटिस के अधिकांश मामलों में दूरबीन सर्जरी संभव है और मरीज इससे पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
छोटे चीरे वाली सर्जरी होने के कारण, मरीजों को कम दर्द होता है और वे जल्दी अपने सामान्य जीवन में लौट सकते हैं। यही कारण है कि आज VATS सर्जरी ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन गई है।
निष्कर्ष
VATS सर्जरी या दूरबीन सर्जरी ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए एक आधुनिक और प्रभावी विकल्प है। यह एक मिनिमल इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें छोटे-छोटे चीरे लगाकर विशेष उपकरणों और कैमरे की मदद से सर्जरी की जाती है। हालांकि कुछ विशेष मामलों में ओपन सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन अधिकांश ब्रोंकाइटिस के मामलों में VATS सर्जरी संभव है और मरीज इससे पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न
VATS या दूरबीन सर्जरी क्या है?
VATS या दूरबीन सर्जरी एक आधुनिक सर्जिकल तकनीक है जिसमें फेफड़ों का ऑपरेशन बड़े कट के बजाय छोटे-छोटे होल्स के माध्यम से किया जाता है। इस प्रक्रिया में, एक विशेष दूरबीन जिस पर कैमरा लगा होता है, उसे शरीर के अंदर डाला जाता है। इस कैमरे से प्राप्त छवियां टीवी स्क्रीन पर दिखाई देती हैं, जिससे सर्जन फेफड़ों के अंदर की स्थिति को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। फिर विशेष उपकरणों (स्पेशल इंस्ट्रूमेंट्स) का उपयोग करके सर्जरी की जाती है।
क्या ब्रोंकाइटिस के सभी मामलों में VATS सर्जरी संभव है?
नहीं, ब्रोंकाइटिस के सभी मामलों में VATS सर्जरी संभव नहीं है। डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, यदि ब्रोंकाइटिस एक विशिष्ट स्थान, जैसे फेफड़े के एक सेगमेंट या लोब तक ही सीमित है, तो VATS सर्जरी संभव है। हालांकि, कुछ मामलों में जहां प्रभावित फेफड़े का हिस्सा हृदय या अन्य महत्वपूर्ण अंगों से बुरी तरह चिपका हुआ होता है, वहां VATS सर्जरी करना मुश्किल हो सकता है और ओपन सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
VATS सर्जरी के दौरान क्या होता है?
VATS सर्जरी के दौरान, सर्जन छोटे-छोटे चीरे लगातें हैं और एक दूरबीन जिस पर कैमरा लगा होता है, उसे शरीर के अंदर डालते हैं। इस कैमरे से प्राप्त छवियां टीवी स्क्रीन पर दिखाई देती हैं, जिससे सर्जन फेफड़ों के अंदर की स्थिति को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। फिर विशेष उपकरणों का उपयोग करके सर्जरी की जाती है। यदि ब्रोंकाइटिस एक सेगमेंट या लोब तक सीमित है, तो सर्जन उस हिस्से को निकाल सकते हैं, जिसे सेगमेंटेक्टमी या लोबेक्टमी कहते हैं।
किन परिस्थितियों में VATS सर्जरी के बजाय ओपन सर्जरी की आवश्यकता होती है?
कभी-कभी, अगर ब्रोंकाइटिस से प्रभावित फेफड़े का हिस्सा हृदय या अन्य महत्वपूर्ण अंगों से बुरी तरह चिपका हुआ होता है, तो ऐसे मामलों में दूरबीन के माध्यम से सर्जरी करना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में, दूरबीन के द्वारा इन महत्वपूर्ण अंगों से फेफड़े को अलग करना संभव नहीं होता। यह कार्य हाथ से अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है। इसलिए, ऐसे मामलों में ओपन सर्जरी (खुली सर्जरी) की आवश्यकता हो सकती है।
क्या VATS सर्जरी से ब्रोंकाइटिस का पूरी तरह से इलाज हो सकता है?
हां, VATS सर्जरी से ब्रोंकाइटिस का पूरी तरह से इलाज हो सकता है। उन्होंने बताया कि काफी मात्रा में ब्रोंकाइटिस के मामलों में दूरबीन के द्वारा ब्रोंकाइटिस एरिया को निकालने की सर्जरी संभव है और मरीज इससे ठीक हो जाते हैं। यह एक प्रभावी उपचार विकल्प है जो रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान कर सकता है।
VATS सर्जरी के क्या फायदे हैं?
VATS सर्जरी के कई फायदे हैं। इसमें बड़े चीरे की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि छोटे-छोटे छेदों के माध्यम से सर्जरी की जाती है, जिससे रिकवरी समय कम होता है। यह एक मिनिमल इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसका अर्थ है कि इसमें शरीर पर बहुत कम हस्तक्षेप किया जाता है। डॉ. कुमार के अनुसार, ब्रोंकाइटिस के काफी मामलों में यह प्रक्रिया संभव है और मरीज इससे पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
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