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फेफड़ों के कैंसर से कैसे बचें

फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह अत्यधिक रोकथाम योग्य है? मेदांता के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं कि फेफड़ों के कैंसर से कैसे बचा जा सकता है।

फेफड़ों का कैंसर: एक रोका जा सकने वाला रोग

डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, लंग कैंसर एकदम “प्रीवेंटेबल” यानि रोका जा सकने वाला रोग है। यह जानकारी स्वास्थ्य के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका अर्थ है कि सही जीवनशैली और पर्यावरणीय निर्णयों के माध्यम से इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।

फेफड़ों के कैंसर का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

इतिहास पर नज़र डालें तो एक रोचक तथ्य सामने आता है। डॉ. कुमार बताते हैं कि औद्योगिकीकरण यानि स्टीम इंजन की खोज से पहले फेफड़ों के कैंसर के मामले रिपोर्ट नहीं होते थे। फेफड़ों के कैंसर की शुरुआत स्टीम इंजन के साथ हुई, जिससे धुआं निकलता था, और साथ ही धूम्रपान की आदत के प्रसार के साथ।

जैसे-जैसे औद्योगिकीकरण बढ़ता गया, धूम्रपान के मामले भी बढ़ते गए, और इसके साथ ही फेफड़ों के कैंसर के मामलों में भी वृद्धि होती गई। यह ऐतिहासिक संबंध स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि फेफड़ों का कैंसर मानव निर्मित कारणों से उत्पन्न होने वाली बीमारी है।

वर्तमान स्थिति: भारत में फेफड़ों का कैंसर

आज भारत में स्थिति चिंताजनक है। डॉ. कुमार बताते हैं कि कई शहरों में पुरुषों में फेफड़ों के कैंसर नंबर एक कैंसर बन गया है। और अब यह महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। यह आंकड़े इस बीमारी की गंभीरता और इसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाते हैं।

फेफड़ों के कैंसर के प्रमुख कारण

डॉ. अरविंद कुमार ने फेफड़ों के कैंसर के दो प्रमुख कारणों की पहचान की है:

  • धूम्रपान: सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है।

  • प्रदूषित वायु में सांस लेना: वायु प्रदूषण फेफड़ों के कैंसर का दूसरा प्रमुख कारण है।

फेफड़ों के कैंसर से बचाव: आशा की किरण

अच्छी बात यह है कि इन दोनों कारणों पर नियंत्रण पाना संभव है। डॉ. कुमार का मानना है कि अगर हम इन दो कारकों - धूम्रपान और वायु प्रदूषण - पर नियंत्रण पा सकें, तो फेफड़ों के कैंसर, जो आज तेजी से बढ़ रहा है, को रोका जा सकता है।

उन्होंने बताया कि अगर हम धूम्रपान को पूरी तरह से रोक दें और वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर सकें, तो फेफड़ों के कैंसर के मामलों में महत्वपूर्ण कमी आ सकती है।

स्वच्छ हवा: एक मानवाधिकार

डॉ. कुमार ने यह भी उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र ने स्वच्छ हवा को एक मानवाधिकार घोषित कर दिया है। यह घोषणा इस बात पर जोर देती है कि स्वच्छ वायु तक पहुंच हर व्यक्ति का अधिकार है, और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

डॉ. अरविंद कुमार का संदेश स्पष्ट है: अगर हम सभी मिलकर वायु प्रदूषण को कम करें और धूम्रपान को रोकें, तो हम फेफड़ों के कैंसर को होने से रोक सकते हैं। यह एक शक्तिशाली संदेश है जो हमें अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या फेफड़ों के कैंसर को रोका जा सकता है?

हां, डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, लंग कैंसर पूरी तरह से रोका जा सकने वाला रोग है।

फेफड़ों के कैंसर के प्रमुख कारण क्या हैं?

फेफड़ों के कैंसर के दो प्रमुख कारण हैं: धूम्रपान और प्रदूषित वायु में सांस लेना।

क्या भारत में फेफड़ों के कैंसर एक बड़ी समस्या है?

हां, कई भारतीय शहरों में पुरुषों में फेफड़ों के कैंसर नंबर एक कैंसर बन गया है, और यह महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है।

फेफड़ों के कैंसर से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

फेफड़ों के कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान से बचें और वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयास में योगदान दें।

This blog has been converted from the Youtube video- फेफड़ों के कैंसर से कैसे बचें

Dr. Arvind Kumar
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